देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है,
इसमें शिक्षा के सहित विद्या का भी सम्मान है।
ज्ञान और विज्ञान के पथ हैं सभी मिलते जहाँ,
नित्य नूतन शोध के रस्ते सभी खुलते जहाँ,
अज्ञान के तम से घिरे इस विश्व का दिनमान है,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
ऐसा संगम मिल नहीं सकता कही संसार में,
कोई सीमा है नहीं सब कुछ यहाँ विस्तार में,
विश्व के हर देश के विद्यार्थियों का मान है,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
जीवन को जीने की कला के सूत्र सब मिलते यहाँ,
गीता के श्लोकों के नए संदर्भ भी खुलते यहाँ,
कुलमाता स्वयं हैं भगवती और कुलपिता श्रीराम हैं,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
ज्ञान की धारा सदा चिन्मय यहाँ मृण्मय नहीं,
गूंजता है नित प्रणव स्वर छात्रहित चिंतन यहीं,
आचरण शिक्षण यहाँ का, हर क्रिया ही ध्यान है,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
इसमें शिक्षा के सहित विद्या का भी सम्मान है।
ज्ञान और विज्ञान के पथ हैं सभी मिलते जहाँ,
नित्य नूतन शोध के रस्ते सभी खुलते जहाँ,
अज्ञान के तम से घिरे इस विश्व का दिनमान है,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
ऐसा संगम मिल नहीं सकता कही संसार में,
कोई सीमा है नहीं सब कुछ यहाँ विस्तार में,
विश्व के हर देश के विद्यार्थियों का मान है,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
जीवन को जीने की कला के सूत्र सब मिलते यहाँ,
गीता के श्लोकों के नए संदर्भ भी खुलते यहाँ,
कुलमाता स्वयं हैं भगवती और कुलपिता श्रीराम हैं,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
ज्ञान की धारा सदा चिन्मय यहाँ मृण्मय नहीं,
गूंजता है नित प्रणव स्वर छात्रहित चिंतन यहीं,
आचरण शिक्षण यहाँ का, हर क्रिया ही ध्यान है,
यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय हमारी शान है।
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